दिल भर आया है... Jul 17 Written by Shalini Garg सुर्ख़ आसमां परये कैसा काला साया हैमेरे टूटे हुए दिल परक्या इसका सीना भी भर आया है...शैलJuly 17, 2017 Shalini Garg Previous Previous बे- इंतहा मोहब्बत Next Next समय का कारवाँ
दिल भर आया है... Jul 17 Written by Shalini Garg सुर्ख़ आसमां परये कैसा काला साया हैमेरे टूटे हुए दिल परक्या इसका सीना भी भर आया है...शैलJuly 17, 2017 Shalini Garg